दोस्ती पर शायरियां........
जिनकी यारी पर न्योछावर अपना प्यार किया ,
वो मेरी दोस्ती का क्या इनाम देंगे ,
न जान पाए जो मुझको कभी ,
मेरी चुप्पी का क्या इम्तेहान लेंगे....
रह गए आज वो यार भी पीछे ,
जो कहते थे जान लुटा देंगे ,
अब उनकी क्या तारीफ करूं ,
जो हमारे अश्कों को ही भुला बैठे ....
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